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एक कविता

एक कविता

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कविताएँ

यहा से आई ,वहा से आई से

देखों देखों कहा कहा से आई 

खुद आई हैं, बुलाई भी गई हैं 

हरी पीली लाला नीली रंगों जैसी कविताएँ

मन भावन कविताएँ

बहन सी प्यारी कविताएँ

भाई सी मजबूत कविताएँ

राखी के झालर सी

झिलमिल कविताएँ

रंगोली के रंगों की

सागर जैसी गहरी भी

पर्वत सी कुछ शांत

कुछ बच्चों सी चचंचल कविताएँ

आसमान में उड़ती

कविता

पतंगों से पेग लड़ाती कविता

मनभावन ,मन सी सुन्दर

ये प्यारी कुछ अनकही कविता

खेत खलिहानों

गली मोहलों

घर आगन की

बाजारों की हाटों

मनभावन रंग बिरंगी कविता 

मन के कोनों

घर के कोनों में

रखी कविता

दादी नानी जैसी कविता

रात के सपनों

दिन की दुनिया

जैसी मेरी कविता

दादी के पल्लू में बंधे

सिक्के सी कुछ गोल कविता

घर की रोटी

ठेले के कुलचे

और गोलगप्पे सी कुछ

मनभावन कविता ||



Sushma Pandey

I am a school teacher. I have done M.A. in Hindi and B.Ed. in Sanskrit. Writing is my passion. It gives a great sense of satisfaction to me when I put all my words together in the form of a story, poem, or article. I have a thirst for new literature and I love reading books, and teaching.

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