X
निःशब्द | एक कविता

निःशब्द | एक कविता

141 views Save

निःशब्द 

शब्द जहाँ चूक जाता है

अपनी अभिव्यक्ति देने से

निशब्द साथ दे जाता है

बिन कुछ कहे सुने ही

देखो

कितना कुछ कह-सुन जाता है 

दिशा, राह , हवाएँ

सब जब चुप हो जाते है

आकाश सा निशब्द  

जीवन में बहुत कुछ कह जाता है

मन के कौने में

बैठ निशब्द

ना जाने कितने राग सुनाता है

#सुषमा पांडे

भाव वो भी है जो कहे ही नहीं गए



Sushma Pandey

I am a school teacher. I have done M.A. in Hindi and B.Ed. in Sanskrit. Writing is my passion. It gives a great sense of satisfaction to me when I put all my words together in the form of a story, poem, or article. I have a thirst for new literature and I love reading books, and teaching.

141 views

Recent Articles